पूरी तालिका
भारत और दुनिया भर में लगभग हर दौड़ मीट्रिक है, पर कई ट्रेनिंग ऐप, ट्रेडमिल और योजनाएँ मील इस्तेमाल करती हैं। यहाँ वह पुल है।
गणित सरल है: मील के लिए मीटर को 1,609.344 से भाग दीजिए, फिर फीट के लिए मील को 5,280 से गुणा। या सीधे: फीट के लिए मीटर को 0.3048 से भाग दीजिए।
| दौड़ | मील और फीट |
|---|---|
| 3K (3,000 m) | 1.864 मील = 9,843 ft |
| 5K (5,000 m) | 3.107 मील = 16,404 ft |
| 10K (10,000 m) | 6.214 मील = 32,808 ft |
| 15K (15,000 m) | 9.320 मील = 49,213 ft |
| हाफ़ (21.0975 km) | 13.109 मील = 69,218 ft |
| मैराथन (42.195 km) | 26.219 मील = 1,38,435 ft |
26.2 ही क्यों, कोई गोल संख्या क्यों नहीं
मैराथन 42.195 किलोमीटर है — 26 मील और 385 गज। यह अजीब जोड़ 1908 के लंदन ओलंपिक से आया, जहाँ रास्ता बढ़ाया गया ताकि दौड़ विंडसर कैसल से शुरू होकर शाही मंच के सामने ख़त्म हो।
वह दूरी 1921 में आधिकारिक हुई और तब से नहीं बदली। इसलिए दुनिया की हर मैराथन एक राजा की सुविधा का अवशेष लिए चलती है।
फीट में: 1,38,435। अगर आप गोल 26.2 मील लें तो 1,38,336 आएगा — लगभग 99 फीट कम, यानी औसत धावक के लिए लगभग 30 सेकंड।
उल्टी दिशा के लिए फीट से मील है। अगर आपको पहले से निकाला हुआ आँकड़ा चाहिए तो रूपांतरण तालिका में आम मान दिए हैं, और हमारे बारे में यहाँ इस्तेमाल हुए हर स्थिरांक का स्रोत बताता है।
स्प्लिट और पेस का गणित
मैराथन में हाफ़-मैराथन स्प्लिट 13.109 मील या 69,218 फीट है। 30K का निशान 18.641 मील या 98,425 फीट।
पेस सोचना दूरी से आसान है। 6:00 प्रति किलोमीटर 9:39 प्रति मील है, जिससे मैराथन 4:13 की बनती है। 5:00 प्रति किलोमीटर 8:03 प्रति मील, यानी मैराथन 3:31।
फीट प्रति सेकंड में 5:00/km लगभग 10.9 ft/s है। दौड़ में यह कम इस्तेमाल होती है पर ट्रैकिंग डेटा की यही इकाई है।
आख़िरी मील और आख़िरी किलोमीटर
दौड़ के अंत में दोनों इकाइयों के बीच एक व्यावहारिक अंतर है। आख़िरी किलोमीटर 3,281 फीट है; आख़िरी मील 5,280।
अगर कोर्स के निशान किलोमीटर में हैं पर आपका ऐप मील में, तो वे मेल नहीं खाएँगे, और अंतर आगे बढ़ने के साथ बढ़ता जाएगा। 42 किलोमीटर में गोल 26.2 मील फ़िनिश लाइन से लगभग 200 मीटर पहले आ जाता है।
हल यह है कि पूरी दौड़ के लिए एक इकाई चुनिए और उसी पर रहिए। बीच दौड़ में दोनों मिलाना सिर्फ़ ख़ुद को उलझाने का तरीक़ा है।
दौड़ का कोर्स कैसे नापा जाता है
कोर्स की आधिकारिक माप GPS से नहीं होती। इसके लिए जोन्स काउंटर लगी कैलिब्रेटेड साइकिल इस्तेमाल होती है — पहिये पर लगा एक यांत्रिक काउंटर जो चक्कर गिनता है।
साइकिल को पहले ठीक नापी गई 300 मीटर की बेसलाइन पर कैलिब्रेट किया जाता है, आम तौर पर स्टील टेप से। फिर कोर्स को सबसे छोटे वैध रास्ते पर चलाया जाता है — हर मोड़ पर अंदर से, सड़क के बीच से नहीं।
मापने वाले 0.1 प्रतिशत का शॉर्ट कोर्स प्रिवेंशन फ़ैक्टर भी जोड़ते हैं, ताकि कोर्स घोषित दूरी से कभी छोटा न हो। इसलिए मैराथन हमेशा 42.195 किलोमीटर से थोड़ी लंबी होती है, कभी छोटी नहीं।
यही कारण है कि आधिकारिक प्रमाणन के लिए GPS स्वीकार्य नहीं। प्रति किलोमीटर कुछ मीटर की त्रुटि प्रशिक्षण में मायने नहीं रखती पर विश्व रिकॉर्ड में बड़ी बात है।
भारत की दौड़ें और उनकी दूरियाँ
सामान्य स्थानीय फ़न रन में 3K, 5K और 10K श्रेणियाँ होती हैं। टाटा मुंबई मैराथन और दिल्ली हाफ़ मैराथन जैसे बड़े आयोजन 21K और 42K जोड़ते हैं।
मील में: 1.86, 3.11, 6.21, 13.11 और 26.22। फीट में: 9,843, 16,404, 32,808, 69,218 और 1,38,435। आख़िरी स्तंभ तब काम आता है जब आप दूरी की तुलना एलिवेशन प्रोफ़ाइल से करें, जो फीट में होती है।
कुछ आयोजन किलोमीटर के बजाय मील इस्तेमाल करते हैं — आम तौर पर विदेशी समुदायों या अंतरराष्ट्रीय स्कूलों की दौड़ें। उनमें "5-mile run" 8.05 किलोमीटर है, 5 किलोमीटर नहीं, जो ध्यान से न पढ़ने पर बड़ा अंतर बन जाता है।
याद रखने लायक स्प्लिट
अगर आप मैराथन दौड़ रहे हैं और जानना चाहते हैं कि लक्ष्य पर हैं या नहीं, तो पूरी तालिका के बजाय कुछ मील-निशान आसान हैं।
10K का निशान 6.214 मील है, दौड़ का लगभग चौथाई। हाफ़ 13.109 मील। 30K 18.641 मील — यही वह बिंदु है जहाँ असली मुश्किल शुरू होती है।
फीट में ये निशान 32,808, 69,218 और 98,425 हैं। धावक शायद ही ये संख्याएँ इस्तेमाल करते हैं, पर एलिवेशन प्रोफ़ाइल देखते समय ये काम आती हैं, जो फीट में होती है — एक ही इकाई, तुलना आसान।
संबंधित रूपांतरण: गति के लिए ft/s से mph, ज़मीन के क्षेत्रफल के लिए ft² से mi², और उस इकाई के लिए फीट से मिल जिसे लोग सबसे ज़्यादा मील समझ बैठते हैं।
ऊँचाई और दौड़ की दूरी
समुद्र तल से ऊँचाई पर दौड़ना उसी दूरी को कठिन बना देता है। लेह लगभग 11,500 फीट यानी 2.18 मील पर है; शिमला लगभग 7,200 फीट यानी 1.36 मील पर।
मोटा नियम यह है कि 5,000 फीट से ऊपर हर 1,000 फीट पर सहनशक्ति में लगभग 2 से 3 प्रतिशत की कमी आती है। इसलिए दिल्ली में 50 मिनट की 10K लेह में 55 से 58 मिनट की हो सकती है — दूरी वही 32,808 फीट।
यही कारण है कि ऊँचाई पर होने वाली दौड़ों के समय मैदानी दौड़ों से सीधे नहीं मिलाए जाते। दूरी फीट में एक जैसी है; हवा नहीं।
मुख्य बातें
- 5K = 3.107 मील = 16,404 ft। 10K = 6.214 मील = 32,808 ft।
- हाफ़ मैराथन = 13.109 मील = 69,218 ft।
- मैराथन = 26.219 मील = 1,38,435 ft (26 मील 385 गज)।
- गोल 26.2 मील असली दूरी से लगभग 99 फीट कम है।
- पेस: 6:00/km = 9:39/मील; 5:00/km = 8:03/मील।
ख़ुद आज़माइए
मील से फीट
उल्टा रूपांतरण, मील के भिन्नों सहित।