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ट्रेकिंग में एलिवेशन गेन: फीट और मील में

एलिवेशन फीट में, दूरी किलोमीटर में। दोनों को एक पैमाने पर रखना ही बताता है कि चढ़ाई भारी क्यों लगती है।

लिखा और जाँचा Ali Raza · प्रकाशित · अद्यतन

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क्रूज़िंग ऊँचाई पर विमान। सामान्य 35,000 फीट की उड़ान ज़मीन से 6.6288 मील ऊर्ध्वाधर दूरी है।

छोटा जवाब

3,000 फीट का एलिवेशन गेन 0.568 मील लंबवत, यानी 914 मीटर है। 5 मील लंबे ट्रेल पर इतनी चढ़ाई का मतलब है लगभग 11% औसत ढाल — कठिन, पर सामान्य ट्रेकर के लिए संभव।

लंबवत और क्षैतिज

एलिवेशन गेन वह कुल ऊँचाई है जो आपने चढ़ी, शुरुआत और चोटी का अंतर नहीं। अगर आप 300 फीट चढ़े, 100 उतरे, और फिर 500 चढ़े, तो आपका गेन 800 फीट है, भले नेट 700 हो।

इसे मील में रखने से नज़रिया मिलता है। 3,000 फीट 0.568 मील है — एक मील के तीन-चौथाई से भी कम, सीधे ऊपर। छोटा लगता है, जब तक आप ख़ुद न करें।

बात संख्या की नहीं, अनुपात की है। 5 मील क्षैतिज में 0.568 मील लंबवत का मतलब है लगभग 11% औसत ढाल। यही संख्या बताती है कि ट्रेल कितना कठिन है।

एलिवेशन गेन तीन इकाइयों में
फीटबराबर
500 ft0.095 मील = 152 m
1,000 ft0.189 मील = 305 m
2,000 ft0.379 मील = 610 m
3,000 ft0.568 मील = 914 m
5,000 ft0.947 मील = 1,524 m
13,123 ft2.486 मील = 4,000 m — ऊँचे हिमालयी दर्रे

ढाल: वह संख्या जो असल में मायने रखती है

ढाल यानी एलिवेशन गेन बटा क्षैतिज दूरी, प्रतिशत में। एक मील (5,280 फीट) में 1,000 फीट की चढ़ाई 18.9% ढाल है — बेहद खड़ी।

संदर्भ के लिए: सड़कें शायद ही 10% से ऊपर जाती हैं। 15% का ट्रेल कठिन है। 25% का ट्रेल कहीं-कहीं हाथ के सहारे चढ़ना होता है।

गणना सरल है बशर्ते इकाइयाँ एक जैसी हों। अगर एलिवेशन फीट में और दूरी मील में है, तो पहले मील को फीट में बदलिए: 5,280 से गुणा।

उल्टी दिशा के लिए मील से फीट है। अगर आपको पहले से निकाला हुआ आँकड़ा चाहिए तो रूपांतरण तालिका में आम मान दिए हैं, और हमारे बारे में यहाँ इस्तेमाल हुए हर स्थिरांक का स्रोत बताता है।

ढाल = एलिवेशन गेन ÷ क्षैतिज दूरी। भाग देने से पहले इकाइयाँ एक जैसी कीजिए।

भारतीय पहाड़ों के संदर्भ में

त्रिउंड ट्रेक (धर्मशाला) लगभग 9,350 फीट यानी 1.77 मील पर ख़त्म होता है। केदारकंठा लगभग 12,500 फीट, यानी 2.37 मील। हम्पता पास लगभग 14,100 फीट यानी 2.67 मील।

पर ये एलिवेशन गेन नहीं हैं — ये समुद्र तल से ऊँचाइयाँ हैं। असली चढ़ाई इस पर निर्भर करती है कि आप कहाँ से शुरू करते हैं। त्रिउंड का ट्रेलहेड लगभग 6,800 फीट पर है, इसलिए गेन लगभग 2,550 फीट यानी 0.48 मील है।

इसीलिए ऊँचा पहाड़ कभी-कभी नीचे वाले से आसान होता है: शुरुआत कहाँ से है, यह मायने रखता है।

समय का अंदाज़ा

नाइस्मिथ का पुराना नियम है: हर 3 मील क्षैतिज के लिए एक घंटा, और हर 2,000 फीट चढ़ाई के लिए एक घंटा अतिरिक्त।

इसलिए 6 मील का ट्रेल जिसमें 3,000 फीट गेन हो, दूरी के लिए लगभग दो घंटे और चढ़ाई के लिए लगभग डेढ़ घंटा — कुल लगभग साढ़े तीन घंटे।

गर्म और नम मौसम में यह अनुमान आशावादी है। भारत के मैदानी और निचले पहाड़ी इलाक़ों में गर्मी, पसीने और विश्राम के लिए इसमें 20 से 30 प्रतिशत जोड़ना ठीक रहता है।

ऐप एलिवेशन में अलग-अलग क्यों बताते हैं

अगर तीन लोग एक ही ट्रेल तीन अलग ऐप से करें, तो तीन अलग संख्याएँ आएँगी — कभी 20 प्रतिशत तक का अंतर। यह बेतरतीब नहीं है।

बेहतर घड़ियों में लगा बैरोमीट्रिक अल्टीमीटर हवा का दबाव नापता है। छोटी अवधि में यह सटीक है पर मौसम से प्रभावित होता है: आता हुआ तूफ़ान पूरे दिन में सैकड़ों फीट की झूठी चढ़ाई जोड़ सकता है।

GPS आधारित एलिवेशन लंबवत में क्षैतिज से ज़्यादा शोर वाला होता है, कभी-कभी हर पल 30 से 50 फीट की त्रुटि। लंबे ट्रेल पर यह शोर झूठे गेन के रूप में जमा होता है।

जो ऐप डिजिटल एलिवेशन मॉडल इस्तेमाल करते हैं — सेंसर के बजाय भूभाग का नक्शा — वे सबसे एक जैसे रहते हैं, पर वे उन छोटी चढ़ाइयों को नहीं पकड़ते जो नक्शे के रिज़ॉल्यूशन से छोटी हों। कोई तरीक़ा पूर्ण नहीं है; ज़रूरी यह है कि दो ट्रेक की तुलना करते समय एक ही तरीक़ा इस्तेमाल हो।

चढ़ाई के हिसाब से पानी और विश्राम

थकान का अंदाज़ा दूरी से ज़्यादा एलिवेशन गेन देता है। 500 फीट चढ़ाई वाला 8 मील का ट्रेक आसान है; 3,000 फीट वाला 4 मील का ट्रेक कठिन।

एक व्यावहारिक नियम: हर 1,000 फीट चढ़ाई को 2 मील समतल चाल के बराबर गिनिए। इसलिए 4 मील और 3,000 फीट समय और थकान में लगभग 10 मील की चाल जैसा है।

भारत की गर्मी और नमी में पानी दूरी के बजाय चढ़ाई के हिसाब से बढ़ाइए। समतल पर हर दो घंटे में एक लीटर न्यूनतम है; दोपहर की खड़ी चढ़ाई में हर घंटे एक लीटर ज़्यादा यथार्थवादी है।

संबंधित रूपांतरण: गति के लिए ft/s से mph, ज़मीन के क्षेत्रफल के लिए ft² से mi², और उस इकाई के लिए फीट से मिल जिसे लोग सबसे ज़्यादा मील समझ बैठते हैं।

उतराई और घुटने

ध्यान अक्सर चढ़ाई पर जाता है, पर चोट उतराई से ज़्यादा होती है। वही 3,000 फीट — 0.568 मील — उतरते समय हर क़दम पर घुटने पर आपके वज़न से दो से तीन गुना बल डालता है।

पॉइंट-टू-पॉइंट ट्रेक में गेन और लॉस बहुत अलग हो सकते हैं। ऐसे ट्रेल में जहाँ आप ऊपर से शुरू करके नीचे उतरते हैं, लॉस गेन से कहीं ज़्यादा होता है, और लौटना उम्मीद से भारी पड़ता है।

व्यावहारिक जवाब है ट्रेकिंग पोल और उतरते समय धीमी गति, तेज़ नहीं। नीचे भागकर बचाया गया समय अक्सर कुछ दिन के दर्द में चुकाना पड़ता है।

मुख्य बातें

  • 3,000 फीट एलिवेशन गेन 0.568 मील लंबवत (914 मीटर) है।
  • एलिवेशन गेन कुल चढ़ाई है, ऊँचाई का नेट अंतर नहीं।
  • ढाल = गेन ÷ क्षैतिज दूरी, एक ही इकाई में। 15% कठिन ट्रेल है।
  • त्रिउंड 9,350 ft (1.77 मील); केदारकंठा 12,500 ft (2.37 मील)।
  • नाइस्मिथ: हर 3 मील पर एक घंटा, हर 2,000 ft चढ़ाई पर एक घंटा और।

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Ali RazaWeb Developer & SEO Specialist

Ali Raza is a web developer and SEO specialist at Gem Programmers. He built this converter around the exact international standards for length, area and speed, and reviews every constant on the site against its primary source.

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इस विषय पर सवाल

3,000 फीट एलिवेशन गेन कितने मील है?

3,000 फीट 0.568 मील लंबवत, यानी 914 मीटर है। 5 मील लंबे ट्रेल पर इतनी चढ़ाई का मतलब है लगभग 11% औसत ढाल — कठिन, पर संभव।

एलिवेशन गेन और ऊँचाई में क्या अंतर है?

एलिवेशन गेन कुल चढ़ाई है; ऊँचाई समुद्र तल से दूरी। अगर आप 300 फीट चढ़े, 100 उतरे, फिर 500 चढ़े, तो आपका गेन 800 फीट है, भले नेट 700 हो।

ट्रेल की ढाल कैसे निकालें?

ढाल = एलिवेशन गेन ÷ क्षैतिज दूरी, एक ही इकाई में। एक मील (5,280 फीट) में 1,000 फीट चढ़ाई 18.9% है — बेहद खड़ी। 15% का ट्रेल कठिन माना जाता है।

त्रिउंड ट्रेक कितने फीट ऊँचा है?

त्रिउंड लगभग 9,350 फीट यानी 1.77 मील पर है। पर यह ऊँचाई है, एलिवेशन गेन नहीं — ट्रेलहेड लगभग 6,800 फीट पर है, इसलिए असली चढ़ाई लगभग 2,550 फीट या 0.48 मील है।

केदारकंठा कितने फीट ऊँचा है?

केदारकंठा की चोटी लगभग 12,500 फीट यानी 2.37 मील पर है। सांकरी से शुरू करने पर कुल एलिवेशन गेन लगभग 4,000 फीट, यानी 0.76 मील होता है।

ट्रेक का समय कैसे अनुमानित करूँ?

नाइस्मिथ का नियम: हर 3 मील क्षैतिज के लिए एक घंटा, और हर 2,000 फीट चढ़ाई के लिए एक घंटा अतिरिक्त। गर्म और नम मौसम में इसमें 20 से 30 प्रतिशत जोड़िए।

1,000 फीट चढ़ाई कितने मीटर है?

1,000 फीट 304.8 मीटर यानी 0.189 मील है। इसे आम तौर पर चढ़ाई की एक ठोस इकाई माना जाता है: ज़्यादातर एक-दिन के ट्रेक में कुल 1,500 से 3,000 फीट गेन होता है।

चढ़ाई क्षैतिज दूरी से ज़्यादा कठिन क्यों लगती है?

क्योंकि गुरुत्व के विरुद्ध अपना वज़न उठाना समतल पर चलने से ज़्यादा भारी है। 2,000 फीट चढ़ाई सिर्फ़ 0.38 मील लंबवत है, पर समय और थकान में यह लगभग तीन मील चाल के बराबर है।

ट्रेल की स्वीकार्य ढाल कितनी है?

आरामदेह ट्रेल आम तौर पर 5 से 12 प्रतिशत का होता है। 15 प्रतिशत कठिन है, और 25 प्रतिशत से ऊपर कहीं-कहीं हाथ के सहारे चढ़ना पड़ता है। सड़कें शायद ही 10 प्रतिशत से ऊपर जाती हैं।

क्या उतराई एलिवेशन गेन में गिनी जाती है?

नहीं। गेन सिर्फ़ चढ़ाई है। कुल उतराई अलग गिनी जाती है, और लूप ट्रेल में दोनों बराबर होते हैं। पॉइंट-टू-पॉइंट में दोनों में बड़ा अंतर हो सकता है।

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